राणा हनुमान सिंह जयंती पर कृषि विज्ञान केन्द्र में बायोफ्लॉक मछली इकाई का शुभारंभ –

राणा हनुमान सिंह जयंती पर कृषि विज्ञान केन्द्र में बायोफ्लॉक मछली इकाई का शुभारंभ –

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कृषि विज्ञान केन्द्र, बड़गांव, बालाघाट में वर्चुअल ऑनलाईन द्वारा श्रद्धेय श्री राणा हनुमान सिंह की जयंती पर बायोफ्लॉक मछली इकाई का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जवाहरलाल नेहरू कृषि विष्वविद्यालय, जबलपुर के कुलपति परम डॉ. प्रदीप कुमार बिसेन, संचालक विस्तार सेवायें डॉ. (श्रीमती) ओम गुप्ता, कृषि महाविद्यालय वारासिवनी के अधिष्ठाता डॉ. जी.के. कौतू एवं जवाहरलाल नेहरू कृषि विष्वविद्यालय, जबलपुर के 20 कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर डॉ. बिसेन द्वारा ऑनलाईन माध्यम से बायोफ्लॉक इकाई का शुभारंभ किया एवं बालाघाट के किसानों इस तरह से खेती के आयाम करने से किसानों को बहुत फायदा होगा और बालाघाट का किसान समद्ध एवं शसक्त बनेगा। खेती के साथ-साथ आदि मछली पालन कर किसानों की आय को दोगुना किया जा सकता हैं। आपने स्व. राणा हनुमान सिंह जी को याद करते हुये कहा कि आपने जिले में षिक्षा के लिये उत्कृष्ट योगदान दिया हैं। कार्यक्रम में संचालक विस्तार सेवायें, जवाहरलाल नेहरू कृषि विष्वविद्यालय डॉ. (श्रीमती) ओम गुप्ता द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र, बालाघाट द्वारा प्रारंभ किये गये बायोफ्लॉक इकाई के मछली उत्पादन में महत्व को समझाया तथा केन्द्र के वैज्ञानिकों की सराहना की तथा जिले के अनुसार अन्य मॉडल केन्द्र में विकसित करने की सलाह दी। डॉ. जी.के. कौतू अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय बालाघाट द्वारा केन्द्र द्वारा जिले में किये जा रहे कार्यों की सराहना की एवं जिले के किसानों की वैकल्पिक आय के रूप में बायोफ्लॉक मछली उत्पादन यह तकनीक किसानों शीघ्र आकर्षित करेगी ऐसा विष्वास जताया। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. आर.एल. राऊत द्वारा जिले में मछली उत्पादन का वर्तमान स्वरूप एवं नये स्वरूप में होने वाली आय के बारे में जानकारी प्रदान की। आपने बताया कि बायोफ्लॉक इकाई से जिन किसानों के पास पानी के स्त्रोत हैं वह कम जमीन, कम समय में सीमित संसाधनों के साथ किसानों की आय को दोगुनी कर सकेंगें। इस विधि द्वारा 4-6 महीने 1 कि.ग्रा. तक का उत्पादन किया जा सकता हैं तथा फीड का खर्च 50 प्रतिषत तक कम किया जा सकता हैं। बायोफ्लॉक इकाई के बारे में केन्द्र के वैज्ञानिक एवं इकाई प्रभारी डॉ. बी.के. प्रजापित द्वारा बायोफ्लॉक इकाई की विस्तार से जानकारी दी गयी एक छोटी इकाई के निर्माण के लिये 20 से 25 हजार रुपये की लागत आयेगी और इस घर के बाड़े में लगाया जा सकता हैं और इसमें 200 प्रतिशत तक लाभ प्राप्त किया जा सकता हैं। लांजी किरनापुर क्षेत्र की विधायक सुश्री हिना कावरे ने कृषि विज्ञान केन्द्र में आयोजित राणा हनुमान सिंह जयंती कार्यक्रम पर किसानों को संबोधित किया तथा बताया कि कृषि विज्ञान केन्द्र की नीव किसानों के हित में कार्य करने के लिए दानवीर राणा हनुमान सिंह ने रखी जिससे पूरे क्षेत्र को कृषि को उन्नयन तक पहुंचाया जा सके। इस कार्यक्रम में बालाघाट विधानसभा के पूर्व विधायक श्री अषोक सरस्वार द्वारा दानवीर राणा हनुमान सिंह के कार्यो की सराहना की एवं राणा हनुमान सिंह की प्रतिमा पर फूलमाला अर्पित कर श्रद्धांजली अर्पित की। इस कार्यक्रम में पोषण माह के अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण आहार की जानकारी प्रदान की तथा भोजन में पोषण के लिए कौन-कौन सी वस्तुयें लेना चाहिए जिससे शरीर को भरपूर मात्रा में पोषण मिल सकें। साथ ही कृषि विज्ञान केन्द्र में गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत मषरूम उत्पादन पर प्रषिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें जिले के 7 ग्राम के प्रवासी मजदूरों को मशरूम बनाने हेतु व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया । जिससे प्रवासी मजदूर मषरूम उत्पादन कर अपनी आजीविका की प्रति पूर्ति कर सकें। इस कार्यक्रम के अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र में जिले प्रगतिशील कृषक एवं बड़गांव की सरपंच श्रीमती रीता सिहोरे भी उपस्थित रही एवं 36 महिलाओं तथा 45 लोगों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. एस.आर. धुवारे, डॉ. एस.के. जाटव, डॉ. एम.पी. इंगले, श्री धर्मेन्द्र आगाषे, श्री सुखलाल वास्केल, श्री जितेन्द्र मर्सकोले, श्री जितेन्द्र नगपुरे अपना-अपना सराहनीय योगदान प्रदान किया।

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